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इस सप्ताह के लिए पिता के ह्रदय से    (13/05/2018)

उमण्डता हुआ प्रेम 

जैसे विनाश के पहले गर्व  और महिमा पाने के पहले नम्रता आती है वैसे ही परमेश्वर की परिपूर्णता के पहले परमेश्वर के प्रेम (की  लम्बाई, चौड़ाई,  ऊंचाई  और गहराई) को जानना होता है।

परमेश्वर आपको बपतिस्मा देंगे, अपने प्रेम में पूरी तरह से डुबा देंगे अर्थात अपने आप में डुबा देंगे क्योंकि वे प्रेम हैं। अन्य सभी भक्तों के साथ आप इस प्रेम को जानेंगे जो मानवीय समझ से परे है और आप परमेश्वर की सारी भरपूरी द्वारा भर दिए जाएंगे और उन्हें अपना बना लेंगे।

परमेश्वर के प्रेम के बपतिस्में में स्वार्थपूर्ण जीवन की मृत्यु पाई जाती है। उनका जलन रखनेवाला प्रेम हमारी आत्मा से स्वयं को अर्थात स्वार्थ /पतन के स्वभाव को अलग करेगा और आपको पूर्णरूपेण अपने लिए ले लेगा -एक ऐसे मिलन में जिसका अनुभव आपने पहले कभी नहीं किया है और आपको अपने प्रेम का निवास बना लेगा। फिर यह प्रेम आप में से बहकर दूसरों तक जाएगा। अंत में परमेश्वर को रहने के लिए एक घर और एक ऐसा पात्र मिल जाएगा जिसमें और जिसके द्वारा वे अपनी इच्छा पूर्ण कर सकें। जैसे पिता यीशु में रहते थे - उनके द्वारा बातें और कार्य करते थे बिलकुल वैसे ही अब यीशु आप में वास करेंगे और आप में से होकर बातें और कार्य करेंगे। यह तरीका परमेश्वर ने तैयार किया है और ऐसा निश्चय होगा। परमेश्वर के पास यीशु जैसे बहुत से पुत्र होंगे,  पूर्णरूपेण उनके आधीन और दूसरों के प्रति उनके उमण्डते हुए प्रेम से पूर्ण।

इन अंत के दिनों में काश प्रभु आप को अपने उमण्डते हुए प्रेम और यीशु मसीह के प्रकाशन से पूर्ण पुत्रों में से एक बना लें।

परमेश्वर आपके आशीष दें।

एस.  आर.  मनोहर

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